नोएडा में गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले दो-तीन दिनों से जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं घरेलू गैस सिलेंडर का संकट भी गहराता दिख रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग गैस लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है।
जब ABP न्यूज़ की टीम नोएडा के सेक्टर 54 में गैस गोदाम पहुंची तो वहां का नजारा परेशान करने वाला था। सुबह 5 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग लाइन में लगे थे। कंज्यूमर्स का कहना है कि वे घंटों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। कुछ का आरोप है कि सुबह गोदाम पर गैस से भरी गाड़ी आ गई थी, लेकिन अभी तक सिलेंडर बांटना शुरू नहीं हुआ है।
उपभोक्ताओं ने क्या बताया?
लाइन में खड़े कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वह पिछले तीन दिनों से गैस एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं. कुछ लोग अपनी नौकरी और काम छोड़कर बार-बार यहां आ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. एक उपभोक्ता ने कहा कि घर में गैस खत्म होने के कारण उन्हें मजबूरी में बाहर होटल या फुटपाथ पर खाना खाना पड़ रहा है.
कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि गैस बुकिंग कराने में भी दिक्कत हो रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि वह कई दिनों से बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी बुकिंग ही नहीं हो पा रही. वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियां जानबूझकर सिलेंडर रोककर ब्लैक में बेच रही हैं.
उपभोक्ताओं ने किया दावा
कुछ उपभोक्ताओं ने दावा किया कि घरेलू गैस सिलेंडर 3500 रुपये तक में ब्लैक में बेचा जा रहा है. अगर यह आरोप सही है तो यह बेहद गंभीर मामला है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कुछ गैस एजेंसियां इस संकट को अवसर बनाकर फायदा उठाने की कोशिश तो नहीं कर रही हैं.
दरअसल भारत में ज्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल होता है. केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के बाद देश में करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन मिला है. ऐसे में अगर गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो उसका सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है.
नोएडा जैसे बड़े शहर में हजारों परिवार रोजाना घरेलू गैस पर निर्भर हैं. इसलिए गैस की कमी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करेगा और लोगों को इस समस्या से राहत कब मिलेगी.







