कुर्सी. कुर्सी थाने के श्रीरामपुरवा मजरा सुभाननगर निवासी मिथुन कुमार रावत (22) की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव खेत में फेंक दिया गया। रात भर उसकी तलाश कर रहे परिजनों को शनिवार सुबह खेत में शव मिला, जिससे कोहराम मच गया।
मिथुन की मां मंजू देवी का आरोप है कि गांव की पंचायत के छह लोगों ने पुराने विवाद को न सुलझाने पर उसके बेटे की हत्या कर दी। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। श्रीरामपुरवा निवासी छविनाथ के दो बेटे सीताराम और मिथुन कुमार और एक बेटी अनीता है। सीताराम शादीशुदा है और उसके चार बच्चे हैं। 12 मार्च को उसकी बेटी अनीता की शादी की तैयारी है। मिथुन अविवाहित था।
परिजनों के मुताबिक, मिथुन शुक्रवार शाम को खाना खाने के बाद घर से निकला था। देर रात तक वापस न आने पर उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। रात भर उसका पता नहीं चला। सुबह परिवार वाले कुर्सी थाने गए और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस दौरान गांव के बाहर कुर्सी-इटौंजा रोड से गांव की ओर जाने वाली कच्ची सड़क पर खून बिखरा मिला। परिवार वालों ने आस-पास ढूंढा तो उन्हें सड़क से 20 मीटर दूर गेहूं के खेत में मिथुन की लाश मिली। धारदार हथियार से गला रेतने वाले हमलावरों ने उसकी छाती पर भी कई वार किए थे। यह देखकर परिवार वाले चीखने-चिल्लाने लगे और गांव वालों की भीड़ भी जमा हो गई।
पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। ASP विकास चंद्र त्रिपाठी ने मौके का मुआयना करने के बाद परिवार वालों के बयान लिए। मां मंजू ने पुलिस को बताया कि साल 2019 में जमीन के झगड़े को लेकर आरोपियों के खिलाफ SC/ST का केस दर्ज कराया था। वे उसी केस में समझौते के लिए बेटे को धमका रहे थे।
मां की तहरीर पर पुलिस ने श्रीरामपुरवा से सटे हुए दुर्री पुरवा निवासी इरफान उर्फ अघोरी बाबा, रिजवान, अरबाज, जावेद, अरमान, व इरफान के पुत्र नबाब के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। शाम को सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रेम प्रसंग की भी चर्चा
vसनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा फैली कि मृतक के प्रेम संबंध एक आरोपी की घर की युवती से थे। इसलिए भी यह घटना हुई। हालांकि मृतक के परिजनों ने तहरीर में ऐसा कुछ नहीं कहा। पुलिस भी इस पहलू पर बात करने से कतराती रही। एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पुरानी रंजिश सामने आई है। प्रेम प्रसंग के पहलू पर भी छानबीन जारी है।
प्रदर्शन की कोशिश, आठ थानों की पुलिस ने संभाले हालात
पोस्टमार्टम के बाद मिथुन का शव गांव लाने से पहले गांव छावनी बन गया। कुर्सी के अलावा फतेहपुर, बड्डूपुर, घुंघटेर, देवा, मोहम्मदपुर खाला, क्राइम ब्रांच के अलावा पड़ोस में पड़ने वाले लखनऊ के महिगवां थाने की पुलिस पहुंच गई। शव गांव पहुंचा तो महिलाएं व पुरुषों की भीड़ ने शव सड़क पर ही रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस शव वाहन जबरन घर लेकर पहुंच गई। परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
लाखनआर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी की ओर से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें परिवार को शस्त्र लाइसेंस, एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, सरकारी नौकरी व दो बीघा जमीन की मांग की गई। आरोपियों के घर अवैध रूप से बने होने का आरोप लगाया। मांगों के माने जाने के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार कराया गया।







