बड़का मार्ग का रहने वाला इरशाद खेलते समय एक गड्ढे में गिर गया। आस-पास खड़े लोगों ने उसे गड्ढे से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया है और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बड़का मार्ग निवासी शमशाद का बेटा इरशाद बुधवार रात एक सरकारी ट्यूबवेल के पास खेल रहा था। बताया जा रहा है कि ट्यूबवेल से जुड़ा गड्ढा काफी समय से खुला पड़ा था। खेलते-खेलते इरशाद अचानक उस गड्ढे में गिर गया। पास खड़े लोगों ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी।
स्थानीय लोगों—जिनमें जमील, फारूक, सलीम और आरिफ शामिल हैं—ने आरोप लगाया है कि ट्यूबवेल के पास स्थित नगर पालिका की ज़मीन पर इस समय एक वेडिंग हॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य चलने के कारण बच्चा खुले गड्ढे को देख नहीं पाया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मनोज रस्तोगी ने बताया कि जिस ज़मीन की बात हो रही है, वह सरकारी संपत्ति है और वहाँ ट्यूबवेल नगर पालिका द्वारा ही लगवाया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी ज़मीन पर वेडिंग हॉल का निर्माण कार्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खुले गड्ढे के मामले की जाँच की जाएगी, और यदि लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जाँच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी
इरशाद के परिवार वालों ने इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अधिशासी अधिकारी मनोज रस्तोगी ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, जाँच अधिकारी दीक्षित त्यागी ने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही कोई औपचारिक लिखित शिकायत मिलेगी, मामले की जाँच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि वेडिंग हॉल के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। ट्यूबवेल का गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा होने के बावजूद उसे ढका नहीं गया था। निर्माण स्थल पर उचित चेतावनी संकेत (warning signs) न होना भी इस दुर्घटना का एक कारण बताया जा रहा है। इसी लापरवाही के चलते एक मासूम बच्चे की जान चली गई।














