उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह मौसम अचानक बदल गया। नाख़ून प्रदेश सहित कई देशों में तेज़ हवाओं और ग़ैर-चमक के साथ बारिश हुई। सुबह करीब 10 बजे भगवान सूर्यदेव के समान हो गये और वर्षा होने लगी। इस दौरान ऑफिस जा रहे लोगों को आश्रय के नीचे शरण लेते हुए देखा गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 27 वर्ष पूर्व ओलावृष्टि की भविष्यवाणी की है।
इसके पहले प्रदेश में बारिश के पश्चिमी सजावटी सामान में रविवार की शाम से लेकर उद्यमियों को दिन में तेज धार वाली दुकानें और सजावटी चमक के साथ देखने को मिला। दिल्ली से सौंदर्य प्रसाधन और पश्चिमी तट पर तूफ़ान, गार्गर-चमक और बारिश ने ठंडा कर दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं कई जगहों पर मौसम का मिजाज तूफ़ान बना हुआ है।
विक्षोभ के असर से मथुरा में सबसे तेज 87 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। 59 किमी में, जबकि आगरा और किले में 57 किमी प्रति घंटे का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। बारिश के सामान और मूर्ति आगे रहे, जहां करीब 6 मिमी बारिश का रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विज्ञान केंद्र, नोएडा के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि शुक्रवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित लगभग पूरे प्रदेश में तेज हवाओं और गंगा-चमक का असर रहेगा। करीब 27 साल की उम्र में ओलावृष्टि का ऑरेंज जारी किया गया है।
विभाग का कहना है कि इस बदलाव का असर मौसम पर भी पड़ेगा और अगले दो दिनों में पारा 5 से 7 डिग्री तक गिर सकता है। वाराणसी प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं नजीबाबाद में बारिश और ऊंचाई के कारण पारा 25 डिग्री तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम रह गया है।
इन टुकड़ों में ओलावृष्टि का ऑरेंज संस्करण जारी किया गया
मुजफ्फरनगर, फर्रुखाबाद, कायनात, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रिजवान, शामली, आदिम, तीसरा, किराना, कृशिला, मथुरा, कासगंज, एटा, बांदा, आगरा, फिरोजाबाद, फ़्लोरिडा, एटा, बाँदा, आँगन, सोनाराबाद, फ़्लोरिडा, औरैया, रेजिया, बस्ती और आस-पास के पूर्वी भाग में ओलावृष्टि हो सकती है।









