बिहार – आज राज्य सभा चुनाव है। पांच चौथाई के लिए विधानसभा में वोटिंग होगी। बस्ट और नामांकित के सहयोगी सीट पर अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इन सबके बीच कांग्रेस के तीन नेता पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं राजद के लिए भी एक दलीय मतदान क्षेत्र नहीं क्षेत्र के लिए। चारों ओर से संपर्क नहीं हो रहा है। पहले से दावा कर रहे थे कि दावेदारों के कुछ नेता हमारे संपर्क में हैं। ऐसे में अचानक चार चांद लगाने वालों के गायब होने से लेकर राजनीतिक नियुक्ति में तरह-तरह की घटनाएं तेजी से हो गई हैं। फ़ारबीसगंज, मनिहारी और वाल्मिकीनगर और ढाका के विधायकों के मोबाइल स्विच पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। विधानसभा में वोटिंग के लिए अब तक वोटिंग नहीं हुई है।
वहीं फारबिसगंज के विधायक मनोज विश्वास से भी संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका भी फोन बंद बताया जा रहा है। वहीं वाल्मिकीनगर के सुंदर प्रसाद कुशवाहा और मनिहारी के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह भी स्विच ऑफ को फोन कर बता रहे हैं। तीनों नेता सुबह से लेकर अब तक होटल नहीं थे। बेंचमार्क पर सभी बेंचमार्क को दोषी ठहराया गया था। इतना ही नहीं यह तीन साल पुरानी खबर अपडेट होने से लेकर अब तक के विधानसभा क्षेत्र में भी वोट डाला गया। इधर, राजद नेता फैसल रहमान भी लापता हो गए हैं, उनकी शिक्षा में वृद्धि हुई है। इस मामले में कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चर्चा तो यह भी हो रही है कि यह नेता कांग्रेस का हाथ छोड़ देंगे।
मनोज बिश्वास ने दो पार्टियों के बाद कांग्रेस का कब्ज़ा किया?
सीमांचल के जिले अररिया की फारबिसगंज सीट से चुने गए मनोन बिश्वास 2009 से राजनीति में हैं। आधार नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल युनाइटेड का रहने वाला है, हालांकि वह राजद में भी रह रहे हैं। वह पहली बार 2010 में तटबंध के युवा अध्यक्ष बने। 2012 में किले में एक्टिवेशन हुआ। 2017-18 में आपदा के प्रदेश अति अल्पावधि सचिव बने रहे। फिर, 2019 में राजद से जुड़े और वहां अतिपिछड़ा प्रदेश महासचिव बने। वर्ष 2023 से 2025 के चुनाव से कुछ दिन पहले तक वह राजद के जिला प्रधान महासचिव रहे। चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस की कमेटी ली और फारबिसगंज विधानसभा 221 से जीत कर विधायक बने
2024 में कांग्रेस में शामिल हुए थे भगवान प्रसाद कुशवाहा
नेपाल से राज्य के पश्चिम बंगाल जिले के वाल्मिकीनगर सीट से चुने गए नेता सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने 2024 में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इससे पहले वह परमाणु शक्ति पार्टी-राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से जुड़े थे। 2015 में कुशवाहा की पार्टी चुनाव में उतरी तो तीसरे नंबर पर रहीं. 2025 के चुनाव में वह 1675 मोटरसाइकिल से जीत दर्ज कर सके।
मनोहर प्रसाद सिंह पुलिस सेवा से इस दल की राजनीति में आये थे
पूर्वी जिले की मनिहारी विधानसभा सीट से मनोहर प्रसाद सिंह कांग्रेस 15168 टोक्यो के अंतर से जीते हैं। राजनीति में उनका भी आधार नीतीश कुमार पार्टी जनता दल युनाइटेड का है। भागलपुर जिले के मूल निवासी मनोहर प्रसाद सिंह वर्ष 2009 में पद से सेवानिवृति के बाद आवासीय भूमि अधिग्रहणकर मनिहारी नगर क्षेत्र में बस गए। मनिहारी विधानसभा क्षेत्र को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बनाने के लिए वर्ष 2010 में विपक्ष का दमन थामा। फोर्ट से मनिहारी विधानसभा चुनाव का टिकट मिला तो गरीब मित्र ने गीता किस्कू को हराया। वर्ष 2015 में विनाशकारी विनाश हुआ, तब यह कांग्रेस चली गई। तब वह वेबसाइट से बने। उस बार की दुकान की पिटाई। 2020 के चुनाव में सबसे पहले सबसे बड़ी पार्टी के विरोधियों को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन मनोहर सिंह कांग्रेस में ही रहे और 2020 में नीतीश कुमार की पार्टी के विरोधियों ने मात दी। इस बार, 2025 में भी मनोहर सिंह ने फ़ायदे को ही हराया है।










