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दूतावास की रिपोर्ट में खुलासा , मेरठ में कत्ल के बाद जला दिया था चेहरा और हाथ -तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत

On: March 11, 2026 5:10 AM
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तुर्कमेनिस्तान दूतावास से मिली रिपोर्ट से यह पुष्टि हो गई है कि जो पासपोर्ट जांच के लिए वह भेजा था वह मुहब्बत का था और वह तुर्कमेनिस्तान की नागरिक थी। हालांकि वह वीजा लेकर भारत आई थी या नहीं इसकी जानकारी पुलिस को दूतावास से नहीं मिली है।

मवाना क्षेत्र में 21 फरवरी को चेहरा और दोनों हाथ जला शव मिलने के बाद पुलिस ने 26 फरवरी को आधार कार्ड के आधार पर दिल्ली अर्चिता अरोड़ा की हत्या का खुलासा किया था। आरोपियों ने महिला की पहचान छिपाने के लिए उसका हाथ व टैटू जलाए थे। 

खुलासे के बाद तुर्कमेनिस्तान निवासी नाजमुदिनोवा गुलनारा ने वीडियो कॉल पर ईयररिंग्स और ब्लैक टॉप देखकर शव की पहचान अपनी बेटी मुहब्बत के रूप में की थी। हालांकि शव मुहब्बत का है या नहीं इसके लिए पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। 

पुलिस ने मुहब्बत के पासपोर्ट को तुर्कमेनिस्तान के दूतावास जांच के लिए भेजा था। इससे यह पुष्टि हो गई है कि पासपोर्ट मुहब्बत का ही थी। अब पुलिस कानूनी रूप से मुहब्बत की पहचान के लिए उसकी मां का डीएनए मिलान कराना चाहती है। 

गुलनारा का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह भारत आ सके। पुलिस ने डीएनए के लिए भी दूतावास से पत्राचार किया है। तीन प्रक्रिया से मुहब्बत और गुलनारा का डीएनए मिलान किया जा सकता है। 

पहला गुलनारा को भारत बुलाया जाए। दूसरा गुलनारा के रक्त का नमूना दूतावास की मदद से भारत मंगाया जाए और तीसरा गुलनारा की तुर्कमेनिस्तान में डीएनए जांच कराकर रिपोर्ट भारत मंगाई जाए और मुहब्बत की डीएनए रिपोर्ट से मिलान किया जाए।

होटल संचालक ने नष्ट कर दिए थे सीसीटीवी फुटेज
मुहब्बत की हत्या के बाद आरोपी होटल संचालक ने अपने साथियों के साथ मिलकर होटल के सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य नष्ट कर दिए थे। पुलिस आरोपी का मोबाइल भी बरामद नहीं कर पाई थी। इसके चलते इस केस में अभी कई राज खुलने बाकी है। यह मामला विदेश से मानव तस्करी और महिलाओं अनैतिक धंधे में धकेलने से जुड़ा हो सकता है। इसके चलते पुलिस जेल में बंद आरोपियों से फिर से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाना चाहती है।

जेल जाकर पूछताछ करेगी पुलिस
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा है कि पहले आरोपियों से जेल में पूछताछ की जानी चाहिए। इसके लिए अब कोर्ट से अनुमति लेने के लिए फिर से याचिका दायर की जाएगी। तुर्कमेनिस्तान दूतावास से रिपोर्ट मिली है। भेजा गया पासपोर्ट मुहब्बत का ही था।

Sumit Chaudhary

Sumit Chaudhary एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों, खेल और राजनीति पर गहन विश्लेषण करने का अनुभव है।

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