नेशनल डेस्क: मशहूर शिक्षा सुधारक और पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा जनता की आवाज़ दबाने और लोकतंत्र की नींव कमजोर करने का काम कर रही है।
📌 लद्दाख की मांग और बीजेपी पर सवाल
केजरीवाल ने कहा कि लद्दाख के लोग किसी विशेषाधिकार की नहीं, बल्कि सिर्फ संवैधानिक अधिकारों – वोट देने और अपनी सरकार चुनने – की मांग कर रहे हैं। भाजपा बार-बार वादे करने के बावजूद उनका हक नहीं दे रही।
उन्होंने कहा –
“भारत ने अंग्रेज़ों से आज़ादी इसलिए नहीं ली थी कि जनता अंग्रेज़ों की जगह भाजपा की गुलाम बन जाए। भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद ने लोकतंत्र के लिए बलिदान दिया था, लेकिन आज भाजपा राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर जनता से उनके अधिकार छीन रही है।”
📌 सोनम वांगचुक: संघर्ष और प्रेरणा
- 1988 में SECMOL की स्थापना की, असफल छात्रों के लिए वैकल्पिक शिक्षा का मॉडल दिया।
- जलवायु संकट से निपटने के लिए “आइस स्तूप” जैसी तकनीक विकसित की।
- शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- धारा 370 हटाने का भी समर्थन किया क्योंकि वे भारत की एकता के पक्षधर रहे हैं।
📌 लोकतंत्र की लड़ाई: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि यह संघर्ष केवल लद्दाख या सोनम वांगचुक का नहीं, बल्कि पूरे भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा का है।
उन्होंने कहा –
“अगर आज लद्दाख की आवाज़ को अनसुना किया गया, तो कल यह पूरे देश की आवाज़ बन जाएगी। लोकतंत्र तभी ज़िंदा रहेगा जब हर भारतीय लद्दाख के साथ खड़ा होगा।”
👉 अरविंद केजरीवाल ने साफ किया कि यह सिर्फ सोनम वांगचुक की लड़ाई नहीं, बल्कि हर भारतीय नागरिक के अधिकारों और लोकतंत्र की लड़ाई है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि इस संघर्ष में लद्दाख का साथ दें, क्योंकि आज लद्दाख की लड़ाई ही असली लोकतंत्र की लड़ाई है।











