मुरादाबाद शहर की पॉश कॉलोनी बुद्धि विहार में अपनी बहन की 80 से ज़्यादा बार चाकू मारकर हत्या करने के आरोपी इंजीनियर यूट्यूबर हार्दिक पर जेल में खास नज़र है। दूसरे कैदी और बंदी भी हार्दिक की बेरहमी से परेशान हैं।
खबर है कि उन्होंने भी हार्दिक से दूरी बना ली है। जेल भेजे जाने से पहले उसे थाने में CCTV कैमरों से भी खास नज़र में रखा गया था। हिमशिखा, मझोला के बुद्धि विहार सेक्टर 2 में गणेश पार्क के सामने रहने वाली एक प्राइवेट कंपनी में ब्रांच असिस्टेंट मैनेजर नीलिमा की बेटी थी और गुरुग्राम की एक IT कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर थी।
लिवर, किडनी और दिल चीर दिए गए
हिमशिखा की उसके जुड़वां भाई हार्दिक ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे बेरहमी से हत्या कर दी। हार्दिक ने उसके शरीर पर 80 से ज़्यादा बार चाकू से वार किया, जिसमें उसके लिवर, किडनी और दिल पर चाकू से वार किए गए। आरोपी ने अपनी मां नीलिमा पर भी चाकू से हमला किया।
शनिवार दोपहर को पुलिस ने उसे नया मुरादाबाद से गिरफ्तार किया और थाने ले गई। पूछताछ करने पर पुलिस हैरान रह गई। कहा जा रहा है कि वह किसी साइको की तरह अजीब बातें कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसकी निगरानी बढ़ा दी और उसे ऐसी जगह रखा गया जो CCTV कैमरों से कवर थी।
शनिवार शाम को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने जेल अधिकारियों से संपर्क किया और उस पर खास नजर रखने को कहा। कहा जा रहा है कि जेल में उसे खास निगरानी में रखा जा रहा है।
यहां तक कि कैदी भी उससे ज्यादा बात नहीं कर रहे हैं और दूरी बनाए हुए हैं। सीनियर जेल सुपरिटेंडेंट आलोक सिंह ने बताया कि कैदी हार्दिक को खास निगरानी में रखा जा रहा है। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
यह था पूरा मामला
होली पर घर आए इंजीनियर ने अपनी जुड़वां बहन हिमशिखा (25) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। दोनों भाई बहन गुरुग्राम में एक ही मकान में रहते थे और तीन मार्च को दोनों साथ में होली का त्योहार मनाने आए थे। हिमशिखा एक आईटी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर थी जबकि आरोपी भाई हार्दिक (25) पहले गूगल में काम करता था लेकिन एक साल पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी और यूट्यूबर बन गया था। शुक्रवार को दोनों वापस जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उनके बीच विवाद हो गया।

दूसरे समुदाय की लड़की से शादी करना चाहता था हार्दिक
हार्दिक अपनी मां की भी हत्या करना चाहता था इसलिए वह उन्हें बहाना बनाकर उनके ऑफिस से घर ले आया और हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर आस-पड़ोस के लोग इकट्ठा हुए तो वह कार लेकर भाग गया। घटना के मूल में बताया जा रहा है कि हार्दिक पुणे निवासी एक दूसरे समुदाय की लड़की से शादी करना चाहता था लेकिन उसकी मां और बहन तैयार नहीं थीं।
गुरुग्राम में रह रहे थे जुड़वां बेटे और बेटी
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि बदायूं जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के जोगीपुरा निवासी नीलिमा अपने पति के साथ 1990 में मुरादाबाद आकर बस गई थीं। अभी करीब दो साल से वह बुद्धि विहार सेक्टर दो में गणेश पार्क के सामने किराये के मकान में रह रहीं थीं। उनके जुड़वां बेटे और बेटी हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहे थे।
आईटी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात थी हिमशिखा
बेटी हिमशिखा बीबीए करने के बाद आईटी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर तैनात थी और एमबीए कर रही थी, जबकि बेटा हार्दिक बीटेक करने के बाद पहले गूगल में नौकरी करता था लेकिन एक साल से वह नौकरी छोड़ने के बाद यूट्यूबर हो गया था। घायल नीलिमा ने पुलिस को बताया कि होली से एक दिन पहले ही भाई बहन घर आए थे।
अपनी मां व बहन से नाराज था हार्दिक
हार्दिक पुणे निवासी दूसरे समुदाय की एक लड़की से प्रेम करता है और उससे शादी करना चाहता था। नीलिमा और उसकी बेटी हार्दिक की शादी के लिए तैयार नहीं थीं। इसी बात को लेकर हार्दिक अपनी मां व बहन से नाराज था।
कंबल में बांध दिया बहन का शव
शुक्रवार को बहन-भाई को हरियाणा वापस जाना था, लेकिन मां के ऑफिस से वापस लौटने से पहले ही हार्दिक ने चाकू से गोदकर बहन हिमशिखा की हत्या कर दी। उसकी गर्दन, चेहरे और शरीर पर चाकू से हमले किए और कंबल में उसका शव बांध दिया।
इसके बाद गेट बाहर से बंद कर दिया और मां को लेने ऑफिस पहुंच गया। उसने मां से कहा कि उन्हें हरियाणा अभी जाना है, इसलिए घर चलो। वह अपनी मां को ऑफिस से घर ले आया। बेटी की हत्या से अंजान मां ने जैसे ही घर में कदम रखा तो हार्दिक ने गेट बंद कर लिया।
आंगन में कंबल में लिपटी बेटी की लाश देखकर नीलिमा चीख पड़ी। इसी बीच हार्दिक ने भी अपनी मां पर चाकू से हमला कर दिया। जब पड़ोसी मौके पर आए तो आरोपी घर के बाहर खड़ी कार में बैठकर भाग गया।







