Trump की Tariff वाली टेंशन पर बड़ा अपडेट: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में बड़ा कदम
नेशनल डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे टैरिफ विवाद और व्यापारिक तनाव के बीच बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल 22 से 24 सितंबर तक अमेरिका के दौरे पर रहा। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों और निवेशकों से मुलाकात कर द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को मजबूत करने और संभावित व्यापार समझौते की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।
🤝 उच्च स्तरीय बैठकें और रचनात्मक चर्चा
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी राजदूत जेमीसन ग्रीयर, यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव और भारत में नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। बैठक में दोनों पक्षों ने संभावित व्यापार समझौते के ढांचे पर विचार-विमर्श किया और जल्द से जल्द पारस्परिक लाभकारी समझौते तक पहुंचने की प्रतिबद्धता जताई।
💼 निवेशकों का भरोसा और भारत की विकास यात्रा
अमेरिकी व्यापार नेताओं ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और विकास यात्रा में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने भारत में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और विस्तार देने की इच्छा भी जताई। सरकार के बयान के अनुसार चर्चाएं सकारात्मक और रचनात्मक रहीं।
⚖️ ट्रंप प्रशासन की टैरिफ चुनौतियां
यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय आयात पर उच्च टैरिफ और अन्य व्यापारिक शर्तें लागू की गई थीं। इनमें शामिल हैं:
- भारतीय आयात पर टैरिफ बढ़ाना
- वीज़ा याचिकाओं पर $100,000 की नई फीस
- ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ
इन विवादों ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाया था, लेकिन अब बातचीत का नया दौर समझौते की संभावनाओं को मजबूत कर रहा है।
🌍 विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत-अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता होता है, तो यह न केवल दोनों देशों के लिए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता में भी अहम योगदान देगा।
सरकार ने साफ किया है कि वार्ता का यह दौर केवल शुरुआत है और आने वाले महीनों में ठोस व्यापारिक समझौते की उम्मीद की जा सकती है।











