गाजियाबाद की मधुबन बापूधाम सोसाइटी में अवैध प्रॉपर्टी डीलिंग रैकेट का खुलासा! बिना लाइसेंस GDA फ्लैट किराए पर चढ़ाए जा रहे हैं, शिकायतों के बावजूद अधिकारी चुप। जानिए पूरी रिपोर्ट।
🛑 NCFB NEWS EXCLUSIVE REPORT
गाजियाबाद की मधुबन बापूधाम सोसाइटी में चल रहे अवैध प्रॉपर्टी डीलिंग रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। यहां बिना किसी वैध लाइसेंस और परमिट के स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर खुलेआम GDA के फ्लैट किराए पर दे रहे हैं।
मामला यहीं खत्म नहीं होता—किराएदारों को फंसाने के बाद शुरू होता है धमकी, जबरन वसूली और बार-बार फ्लैट खाली कराने का खेल। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद GDA अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। सवाल ये है कि क्या इस खेल में GDA अधिकारियों की मिलीभगत है?
🔎 गोरखधंधे के 4 बड़े खेल
1️⃣ बिना लाइसेंस फ्लैट किराए पर देना – एजेंट बिना परमिट फ्लैट किराए पर देकर मोटा कमीशन वसूलते हैं।
2️⃣ बार-बार किराएदारों को निकालना – 3-4 महीने में किराएदार को धमकाकर बाहर किया जाता है ताकि नए किराएदार से फिर से कमीशन लिया जा सके।
3️⃣ GDA अधिकारियों की मिलीभगत? – शिकायतें दर्ज, पर कोई कार्रवाई नहीं। क्या रिश्वत का खेल चल रहा है?
4️⃣ सड़क किनारे एजेंटों का अड्डा – बिना अधिकृत दफ्तर के एजेंट सड़क पर ही ये अवैध धंधा चला रहे हैं।
📢 शिकायतकर्ता का बयान
शिकायतकर्ता ने बताया:
“हमने 19 नवंबर 2024 और 29 नवंबर 2024 को दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाई थीं।
Complaint ID: GDA66027 और GDA66171
लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई! अधिकारी प्रॉपर्टी डीलरों से रिश्वत लेकर चुप बैठे हैं।”
📲 GDA अधिकारियों के नंबर सवालों के घेरे में
शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? जनता में गुस्सा है कि क्या रिश्वत का खेल चल रहा है?
👉 शक के घेरे में आने वाले नंबर: 7290046521, 96433 22285, 96433 26740, 7290046623
🚨 NCFB NEWS की मांग
- इस पूरे गोरखधंधे की उच्च स्तरीय जांच हो।
- अवैध प्रॉपर्टी डीलरों और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- गाजियाबाद प्रशासन को जनता के भरोसे पर खरा उतरना होगा।
✍️ निष्कर्ष
गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम में चल रहा यह खेल न सिर्फ किराएदारों की सुरक्षा और पैसों से खिलवाड़ है, बल्कि यह GDA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन जनता की आवाज सुनेगा या यह गोरखधंधा ऐसे ही चलता रहेगा।
📢 आपकी राय क्या है? क्या दोषी अधिकारियों और एजेंटों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? हमें कमेंट में बताएं।





