22 सितंबर 2025 से लागू नई GST दरों पर रिटेलरों के खिलाफ उपभोक्ताओं ने 3,000 शिकायतें दर्ज की हैं। शिकायतों में भ्रामक छूट और GST लाभ उपभोक्ताओं तक न पहुँचने का आरोप लगाया गया है।
नई GST दरों पर हंगामा: रिटेलरों की भ्रामक छूट पर 3,000 उपभोक्ता शिकायतें
नेशनल डेस्क: देशभर में 22 सितंबर 2025 से लागू हुई नई GST दरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 3,000 शिकायतें मंत्रालय को प्राप्त हो चुकी हैं। इन शिकायतों में रिटेलरों द्वारा भ्रामक छूट (misleading discounts) और अनुचित मूल्य निर्धारण (unfair pricing) की बात सामने आई है।

हर दिन आ रही हैं नई शिकायतें
निधि खरे ने सोमवार को एक कार्यक्रम में बताया:
“हर दिन हमें शिकायतें मिल रही हैं। अब तक करीब 3,000 शिकायतें मिली हैं। हम इन्हें आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भेज रहे हैं।”
रिटेलरों पर डार्क पैटर्न का आरोप
कई शिकायतों में पाया गया है कि रिटेलर GST दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुँचा रहे हैं। इसके बजाय वे मूल्य निर्धारण में “डार्क पैटर्न” अपनाकर ग्राहकों को गुमराह कर रहे हैं। यानी, छूट का दावा तो किया जा रहा है लेकिन अंतिम कीमतों में वास्तविक कमी नहीं की जा रही।
क्लास एक्शन की तैयारी
खरे ने कहा कि यदि किसी विशेष सेक्टर से बड़ी संख्या में शिकायतें आती हैं तो सरकार क्लास एक्शन पर विचार कर सकती है। इसका मतलब है कि उपभोक्ता हितों की सामूहिक सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
निगरानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
मंत्रालय ने बताया कि निगरानी को मजबूत करने के लिए Artificial Intelligence (AI) और चैटबॉट तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए विभिन्न क्षेत्रों में आने वाली शिकायतों को ट्रैक और विश्लेषित किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
ये शिकायतें ऐसे समय में आई हैं जब GST परिषद ने 3 सितंबर को अपनी 56वीं बैठक में कई श्रेणियों में दरों के पुनर्संगठन को मंजूरी दी थी। संशोधित GST दरें 22 सितंबर से लागू हो चुकी हैं।











