मैं आपका ध्यान मधुबन बापूधाम सोसाइटी में प्रचलित अवैध गतिविधियों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। सोसाइटी में कुछ स्थानीय एजेंट/प्रॉपर्टी डीलर, बिना किसी वैध परमिट या लाइसेंस के, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के फ्लैटों को किराए पर देने का कार्य कर रहे हैं।
हो रहे क्या – क्या कार्य
अवैध बोर्ड लगाना और कमीशन लेना : स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर/एजेंट बिना किसी वैध अनुमति या लाइसेंस के, मधुबन बापूधाम सोसाइटी में GDA के फ्लैटों को किराए पर देने का काम कर रहे हैं। ये लोग फ्लैट मालिकों और किराएदारों से कमीशन वसूलने के लिए अपने ऑफिस या एजेंसी का बोर्ड लगाकर यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि उनके पास इस कार्य के लिए अधिकार हैं। है
फ्लैटों की बार-बार अदला-बदली: किराए पर दिए गए फ्लैटों में, एजेंट लगभग 3 महीने के बाद किराएदारों को परेशान करना शुरु कर देते हैं। ये लोग किराएदारों को धमकाकर या अन्य तरीकों से मजबूर कर फ्लैट खाली करवा लेते हैं। इसके बाद वे उसी फ्लैट को नए किराएदारों को किराए पर देकर पुनः कमीशन वसूलते हैं। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, जिससे किराएदार अस्थिरता और असुरक्षा महसूस करते हैं।
परमिट और लाइसेंस का अभाव : इन प्रॉपर्टी डीलरों के पास GDA या स्थानीय प्रशासन से फ्लैट किराए पर देने का कोई वैध परमिट या लाइसेंस नहीं है। नियमों के अनुसार, प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने के लिए लाइसेंस होना अनिवार्य है। लेकिन ये एजेंट नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जो पूरी तरह से अवैध है।
अवैध वसूली: ये एजेंट/डीलर बिना किसी अधिकृत कार्यालय के सड़कों पर कुर्सियां लगाकर बैठ जाते हैं और खुलेआम किराएदारों और फ्लैट मालिकों से पैसे वसूलते हैं। ये वसूली न केवल अवैध है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी असुविधा और असुरक्षा का कारण बनती है।
प्रशाशन से निवेदन है :
गहन जांचः मधुबन बापूधाम सोसाइटी में चल रही इन अवैध गतिविधियों की गहराई से जांच की जाए।
सख्त कार्रवाई: बिना लाइसेंस/परमिट के काम कर रहे प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नियमों का क्रियान्वयनः सुनिश्चित किया जाए कि बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति GDA के फ्लैटों को किराए पर देने का कार्य न कर सके।
सुरक्षा एवं राहतः किराएदारों को इन एजेंटों के उत्पीड़न से बचाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
इन सब का ठेकेदार राजीव त्यागी है।
जो इस मामले में आवाज़ उठाने की कौशिश करता है तो उसको किसी झूठे मामले में फंसा दिया जाता है उसे पर किसी महिला द्वारा गंभीर आरोप लगाकर मधुबन बापूधाम थाने में एफआईआर दर्ज करा दी जाती है
मधुबन बापूधाम सोसाइटी में GDA‑स्वामित्व वाले फ्लैटों के अवैध किराये‑दारी के मामलों ने न सिर्फ स्थानीय निवासियों को परेशान किया है, बल्कि रियल‑एस्टेट बाजार में नियम‑उल्लंघन की व्यापक समस्या को भी उजागर किया है। GDA की तेज़ और कठोर कार्रवाई इस तरह की अवैध प्रथाओं को समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम हो सकती है, जिससे भविष्य में मकान मालिकों, एजेंटों और किरायेदारों के बीच पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।









