केंद्र सरकार ने औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति में 20 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए हैं। इससे कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव की बिस्कुट, कन्फेक्शनरी, नमकीन, रबर, इंजीनियरिंग, पैकेजिंग, स्टील आदि की 250-375 इकाइयों पर संकट आ गया है। इकाइयों ने 20 प्रतिशत उत्पादन कम कर दिया है। साथ ही ये इकाइयां अब सप्ताह में केवल पांच दिन चलेंगी। औद्योगिक इकाइयों में अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी भी शुरू कर दी है।
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से कच्चा तेल महंगा होने और आयात वस्तुओं के दाम बढ़ने से प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, केमिकल, डिटर्जेंट, मेटल वेल्डिंग उद्योग तो संकट में चल ही रहे थे। इन इकाइयों में रात की शिफ्ट बंद कर दी गई है। अब पीएनजी संकट दिख रहा है। बिस्कुट, कन्फेक्शनरी, नमकीन, रबर, इंजीनियरिंग, पैकेजिंग, स्टील की इकाइयों को अनवरत ऊर्जा की जरूरत होती है। इन उद्योगों में पाइपों से कच्चा माल जाता है और यदि कुछ देर भी बिजली आदि की समस्या होती है, तो हीटिंग प्रक्रिया बंद हो जाती है।
ऊर्जा संकट और गहराने की संभावना
कच्चा माल पाइपों में फंस कर खराब हो जाता है या पाइप जगह-जगह से बीच में फट जाते हैं। शहर में सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड पीएनजी गैस की सप्लाई करीब 575 स्थानों पर होती है। कानपुर देहात में टोरेंट कंपनी पीएनजी की सप्लाई करती है। सीयूजीएल की तरह ही टोरेंट ने भी 20 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए हैं। एक तरफ कच्चा माल महंगा था। अब पीएनजी सप्लाई पूरी न मिलने से इकाइयां 20 प्रतिशत कम उत्पादन करेंगी। इससे महंगाई में और इजाफा होगा। अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो शहर में ऊर्जा संकट और गहराने की संभावना है।
उद्योग विभाग हर संभव मदद करेगा
शहर में बिस्कुट कंपनी की बड़ी फ्रेंचाइजी इकाइयां हैं। इनकी संख्या 12 है। अलग-अलग स्थानीय ब्रांड से भी बिस्कुट बनाया जाता है। 17-18 इकाइयां अकेले बिस्कुट बनाती हैं। कन्फेक्शनरी की 40-50, रबर की 25-30, नमकीन की 100 से ज्यादा इकाइयां शहर के अलग-अलग हिस्सों में हैं। शहर में इंजीनियरिंग का बड़ा कारोबार होता है। उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह का कहना है कि उद्योग विभाग उद्यमियों की समस्याओं के साथ है। हर संभव मदद करेंगे।
बिस्कुट, कन्फेक्शनरी, नमकीन की इकाइयां लगातार चलती हैं। अब 20 प्रतिशत पीएनजी की आपूर्ति कम की जा रही है। इससे 20 प्रतिशत उत्पादन कम होगा। पहले इकाई सात दिन चला रहे थे। अब पांच दिन ही चलाएंगे। इससे उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। -मयंक खन्ना, वाइस प्रेसिडेंट, मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश और बिस्कुट कारोबारी
पीएनजी का नया संकट हो गया है। बिस्कुट, कन्फेक्शनरी, नमकीन, रबर, इंजीनियरिंग, पैकेजिंग, स्टील की 250-375 इकाइयों पर संकट आ गया है। पेट्रोलियम आधारित उद्योगों खासकर प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, केमिकल, डिटर्जेंट उद्योग पर युद्ध का गहरा असर पड़ गया है। इकाइयों में छंटनी भी शुरू हो गई है। -विजय कपूर, चेयरमैन कोपेस्टेट












