बिहार चुनाव 2025 से पहले प्रशांत किशोर (पीके) ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि उन्होंने 241 करोड़ रुपये परामर्श सेवाओं से कमाए, 30 करोड़ जीएसटी व 20 करोड़ आयकर चुकाया और 98 करोड़ अपनी पार्टी जनसुराज को दान किया।
बिहार चुनाव 2025: प्रशांत किशोर ने खोला फंडिंग का राज, 241 करोड़ की कमाई और 98 करोड़ दान करने का दावा
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर (पीके) के खुलासों ने नई हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को उन्होंने एक बार फिर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी, और तेजस्वी यादव सहित राजद पर निशाना साधा। इस बीच विपक्ष के उस बड़े सवाल का जवाब भी उन्होंने खुद ही दिया कि आखिर उनकी पार्टी और चुनावी कैंपेन के लिए करोड़ों रुपये का फंड कहां से आता है।
पीके ने कहा कि उन्होंने पिछले तीन साल में परामर्श सेवाओं से 241 करोड़ रुपये कमाए हैं। इस दौरान उन्होंने 30 करोड़ रुपये जीएसटी और 20 करोड़ रुपये आयकर भी चुकाया। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि अपनी पार्टी जनसुराज को 98 करोड़ रुपये दान किए हैं। उन्होंने कहा कि वह चोरी नहीं करते और न ही किसी गलत स्रोत से पैसा लेते हैं।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी सारी कमाई एडवाइजरी फीस (परामर्श शुल्क) से होती है और वह बिहार के विकास में इस धनराशि का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा— “मुझे बिहार की जनता पैसा दे या न दे, मैं अपनी कमाई को जनता के लिए खर्च करता रहूंगा।”
पीके ने यह भी जोड़ा कि वह नेता बनने के लिए नहीं बल्कि बिहार को नई दिशा देने के लिए राजनीति में आए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती दी कि उनके सभी लेन-देन की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा— “मुझे मरना मंजूर है लेकिन चोरी करने वालों के साथ खड़ा होना कभी मंजूर नहीं।”





