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RBI ने दिया बड़ा निर्देश: परिजनों को बिना दस्तावेज 15 लाख रुपये तक निकालने की सुविधा

On: September 27, 2025 12:39 PM
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RBI ने मृतक खाताधारकों के परिजनों के लिए Claim Settlement प्रक्रिया सरल बनाई। अब 15 लाख रुपये तक (को-ऑपरेटिव बैंक में 5 लाख) बिना दस्तावेज निकाल सकेंगे, बैंक को समयसीमा का पालन अनिवार्य।

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मृतक बैंक ग्राहकों के परिजनों के लिए दावा निपटान (Claim Settlement) प्रक्रिया को आसान और तेज़ बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। अब 15 लाख रुपये तक (कोऑपरेटिव बैंकों के लिए 5 लाख रुपये) का दावा परिजन बिना किसी कानूनी दस्तावेज के कर सकेंगे। ये नियम सभी बैंकों पर 31 मार्च 2026 तक लागू होंगे।

देरी पर जुर्माना

RBI ने स्पष्ट किया कि अगर बैंक की लापरवाही से दावों के निपटान में देरी होती है, तो परिजनों को बैंक दर + 4% सालाना ब्याज के हिसाब से मुआवजा मिलेगा।

दस्तावेजों की शर्त में बदलाव

जिन खातों में नॉमिनेशन या Survivorship Clause है, वहां बैंक अब उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, वसीयत का प्रोबेट या प्रशासन पत्र की मांग नहीं करेगा। हालांकि, नॉमिनी को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वह कानूनी वारिसों का न्यासी (trustee) है।

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर राहत

मृतक जमाकर्ता के FD या टर्म डिपॉजिट को बिना जुर्माने के समय से पहले बंद करने की अनुमति दी जाएगी, चाहे लॉक-इन पीरियड बाकी हो।

सेफ डिपॉजिट लॉकर दावे

सेफ डिपॉजिट लॉकर या सेफ कस्टडी दावों पर बैंक को 15 दिन में कार्रवाई करनी होगी। निर्धारित समयसीमा पार करने पर हर अतिरिक्त दिन के लिए 5,000 रुपये मुआवजा देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर बैंक 20 दिन में कार्रवाई करता है, तो 5 दिन की देरी पर 25,000 रुपये का मुआवजा देना होगा।

RBI का यह कदम मृतक खाताधारकों के परिजनों के लिए वित्तीय सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।

Sumit Chaudhary

Sumit Chaudhary एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों, खेल और राजनीति पर गहन विश्लेषण करने का अनुभव है।

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